Monday, February 14, 2011

जीने कि वजह चाहिए...

मुझको जीने कि वजह चाहिए.
ख्वाब नहीं, मुझको हकीकत चाहिए.

ख्वाब तो मौत कि आगोश में
और भी हसीं होगी ...

मुझको जीने कि वजह चाहिए
बहाना नहीं, मुझको मकसद चाहिए.

बहाने तो मरने के भी
बहुत मिल जायेंगे...

मुझको जीने कि वजह चाहिए
इरादा नहीं, मुझको हौंसला चाहिए.

written on 25th October 1994

2 comments:

  1. kya baat hai. hope you are good.

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  2. आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    डंके की चोट पर

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