Sunday, December 19, 2010

इस पल में ही रहना है

इस पल में ही रहना है

क्योंकर मैं उस कल के बारे में सोचूँ ,
जो बीत गया और फिर कभी आएगा ही नहीं?
और क्यों मैं अपने आज तो बर्बाद करूँ,
सोचकर उस कल के बारे में,
जो अभी तक आया ही नहीं?
बस ये पल ही तो मेरा है,
जो अभी तक बीता नहीं,
मुझे बस अब इसी में रहना है l

(written sometime in 2006)

2 comments:

  1. बहुत सुन्दर अभिब्यक्ति| धन्यवाद|

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  2. शुक्रिया, Patali-The-Village!

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